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मध्य प्रदेश, जिसे भारत का हृदय कहा जाता है, अपनी समृद्ध संस्कृति, विविध परंपराओं और विशिष्ट उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है। राज्य के कई उत्पादों को वर्षों में भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्राप्त हुए हैं। ये टैग स्थानीय कारीगरों की कला को संरक्षित रखने, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और विशेष उत्पादों की पहचान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।।

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जीआई टैग क्या है?

GI टैग किसी विशेष क्षेत्र में निर्मित उन वस्तुओं को दिया जाता है जो वहाँ की विशिष्ट कला, तकनीक, सामग्री या परंपरा पर आधारित हों। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसी क्षेत्र में बनाए गए असली उत्पाद ही उस नाम का उपयोग कर सकें। उदाहरण: “दार्जिलिंग टी” और “कश्मीरी पश्मीना” प्रसिद्ध GI टैग प्राप्त उत्पाद हैं। GI टैग उत्पाद की पहचान की रक्षा करते हैं, नकली उत्पादों को रोकते हैं और निर्माता को बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाते हैं।

मध्य प्रदेश के GI टैग प्राप्त प्रसिद्ध उत्पाद

1. चंदेरी फैब्रिक चंदेरी शहर में बनने वाला यह पारंपरिक हैंडलूम कपड़ा अपनी नाजुक बनावट और सुंदर डिज़ाइनों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इससे साड़ियाँ, दुपट्टे और परिधान तैयार किए जाते हैं।

2. महेश्वरी फैब्रिक महेश्वर में बनने वाला यह हल्का, रंगीन और खूबसूरत बुनाई वाला कपड़ा साड़ियों और दुपट्टों के लिए प्रसिद्ध है।

3. मध्य प्रदेश की बाँस कला राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध बाँस से सुंदर टोकरी, चटाई, सजावटी वस्तुएँ और फर्नीचर बनाए जाते हैं।

4. रीवा पान (Rewa Betel Leaf) रीवा के पान अपनी खास खुशबू, स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। यह क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी में उगता है।

5. केसर वैली का केसर आम केसर वैली में उगने वाला यह विशेष प्रकार का आम अपनी मिठास, मुलायम बनावट और सुनहरे रंग के लिए जाना जाता है।

6. इंदौर के लेदर टॉप्स
इंदौर में बनने वाले ये पारंपरिक चमड़े के जूते अपनी मुलायम बनावट, टिकाऊपन और उत्कृष्ट कारीगरी के लिए पहचाने जाते हैं।

7. बाघ प्रिंट
बाघ क्षेत्र से आने वाली यह पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग अपनी प्राकृतिक रंगों और आकर्षक डिज़ाइनों के लिए प्रसिद्ध है।

8. संखेड़ा फर्नीचर
संकल्या शैली का यह लकड़ी का फर्नीचर सुंदर लाह (lacquer) कार्य और रंगीन पेंटिंग के लिए जाना जाता है।

9. रतलामी सेव
रतलाम की यह मशहूर नमकीन बेसन से बनती है और अपने तीखे, कुरकुरे स्वाद के लिए देशभर में लोकप्रिय है।

10. उज्जैन की बाटिक प्रिंट मोम (Wax) से बने डिज़ाइन वाली यह पारंपरिक डाईंग तकनीक उज्जैन की पहचान है। इसका उपयोग कपड़ों और होम डेकोर में किया जाता है।

मध्य प्रदेश के लिए GI टैग क्यों महत्वपूर्ण हैं?

1. परंपराओं का संरक्षण चंदेरी और महेश्वरी जैसी पारंपरिक बुनाई कला पीढ़ियों से चली आ रही है। GI टैग इन कलाओं को भविष्य के लिए सुरक्षित रखते हैं। 2. स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा GI टैग मिलने से उत्पादों की पहचान बढ़ती है, जिससे कारीगरों व किसानों को बेहतर कीमत और रोजगार के अवसर मिलते हैं। 3. वैश्विक पहचान GI टैग से मध्य प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, जिससे इनकी मांग बढ़ती है। 4. नकली उत्पादों से सुरक्षा GI टैग यह सुनिश्चित करता है कि कोई अन्य क्षेत्र उसी नाम से निम्न गुणवत्ता के उत्पाद बेच न सके। 5. पर्यावरण-संरक्षण और सतत विकास GI उत्पाद अक्सर प्राकृतिक और परंपरागत तरीकों से बनाए जाते हैं, जिससे पर्यावरण-हितैषी प्रक्रियाओं को बढ़ावा मिलता है।

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