पुतिन भारत यात्रा

मोदी बोले— भारत शांति के पक्ष में, दुनिया को लौटना चाहिए शांति की राह पर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार वर्षों बाद अपनी पहली भारत यात्रा पर हैं और आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। अमेरिका और यूरोप इस मुलाकात पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं, जो लगातार भारत से रूसी ऊर्जा खरीद में कमी का आग्रह कर रहे हैं। यह यात्रा फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन की पहली भारत यात्रा है। पिछली बार वह दिसंबर 2021 में भारत आए थे।

मोदी बोले— भारत शांति के पक्ष में, दुनिया को लौटना चाहिए शांति की राह पर

दिल्ली में होने वाली द्विपक्षीय बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से कहा कि “राष्ट्रों का कल्याण शांति के मार्ग में निहित है। दुनिया को शांति की दिशा में लौटना चाहिए। भारत हमेशा शांति का समर्थन करता रहा है।” उन्होंने यूक्रेन युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों ने इस मसले पर लगातार संवाद बनाए रखा है।

दोनों नेताओं के संबंध और पृष्ठभूमि

गुरुवार को एक साक्षात्कार में पुतिन ने पीएम मोदी को “ऐसे नेता जो दबाव में नहीं झुकते” बताते हुए कहा कि उनके आपसी संबंध पेशेवर होने के साथ-साथ व्यक्तिगत भी हैं। मोदी और पुतिन 2025 में पाँच बार टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं और सितंबर 2025 में तियानजिन (चीन) में SCO बैठक के दौरान भी मुलाकात कर चुके हैं।

पुतिन का जवाब: “यूक्रेन में शांति प्रयासों पर भारत के ध्यान के लिए आभारी हूँ”

पुतिन ने कहा कि वह भारत के सक्रिय और संतुलित प्रयासों की सराहना करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रूस–भारत संबंध रक्षा, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कई अन्य क्षेत्रों में मज़बूत हो रहे हैं।

वार्ता के मुख्य मुद्दे

शिखर सम्मेलन में निम्न प्रमुख विषयों पर चर्चा होने की संभावना है:
रक्षा सहयोग को और मज़बूत करना
बाहरी दबावों के बीच भारत–रूस व्यापार को सुरक्षित रखना
छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर सहयोग
श्रम और असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में समझौते
कई व्यापारिक समझौतों को अंतिम रूप देना
दोनों नेता भारत मंडपम में FICCI और Roscongress द्वारा आयोजित व्यापारिक कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।

दिल्ली में तैयारियाँ और राजकीय कार्यक्रम

पुतिन के स्वागत के लिए नई दिल्ली के प्रमुख चौराहों पर पोस्टर लगाए गए और भारतीय–रूसी झंडे फहराए गए। शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके सम्मान में राजकीय भोज देंगी। रूसी राष्ट्रपति के शुक्रवार रात लगभग 9 बजे भारत से प्रस्थान करने की संभावना है।

क्या रूस भारत को Su-57 देगा?

राष्ट्रपति पुतिन की आगामी भारत यात्रा से ठीक पहले रूस ने आधिकारिक रूप से भारत को अपने पाँचवीं पीढ़ी के बहु-भूमिका लड़ाकू विमान Su-57E के पूर्ण तकनीकी हस्तांतरण और सह-उत्पादन की पेशकश की है।

क्या रूस युद्ध में भारत का साथ दे रहा है?

यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बावजूद रूस भारत का प्रमुख रक्षा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

क्या रूस पाकिस्तान का समर्थन करता है?

पाकिस्तान और रूस ने 1991 में द्विपक्षीय राजनयिक संबंध स्थापित किए। पाकिस्तान का मास्को में और रूस का इस्लामाबाद में दूतावास है। दोनों देश घनिष्ठ सहयोगी हैं और "रणनीतिक साझेदार" माने जाते हैं।

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